आने वाले विधानसभा चुनाव 2022 से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चुनावी सुधारों पर एक विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें स्वैच्छिक आधार पर मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने के लिए एक से अधिक नामांकन को समाप्त करना शामिल है। मसलन, किसी शख्स का उसके गांव के वोटर लिस्ट में नाम है और वह लंबे समय से शहर में रह रहा है। फिर उसने शहर और गांव दोनों जगह नाम अंकित करवा लिया है और दोनों जगह वोट दे रहा है, लेकिन आधार से लिंक होते ही केवल एक वोटर का नाम एक ही जगह वोटर लिस्ट में हो सकेगा। अब वह शख्स केवल एक जगह ही वोट कर पाएगा।
बिल के मुताबिक सर्विस वोटर्स के लिए चुनावी कानून को भी जेंडर न्यूट्रल बनाया जाएगा। राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल SMS या फोन के माध्यम से बूथ स्तर के अधिकारियों के पास जाकर कोई भी अपने आधार को मतदाता पहचान पत्र से जोड़ सकता है।
राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से आधार को मतदाता पहचान पत्र से लिंक करने का तरीका:
